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Sunday, February 5, 2012

सिंह सदन का क्रिकेट प्रेम

                                                   
                                             सिंह सदन के युवा सदस्य क्रिकेट फीवर से   हमेशा  से ग्रस्त रहे हैं. यूँ  तो सिंह -सदन की पहली-दूसरी पीढ़ी में क्रिकेट या यूँ  कहिए कि किसी भी खेल के प्रति रूचि नहीं रही लेकिन हमारी पीढ़ी में क्रिकेट का ऐसा शौक लगा कि हम सब क्रिकेट से हमेशा  जुड़े रहे.

क्रिकेट के प्रति लगाव की शुरूआत... 
                                                     क्रिकेट के प्रति लगाव की शुरूआत होती है 1983-84 सीजन से ....... मैं और पंकज अचलगंज में पढ़ते थे. अचलगंज वैसे तो छोटा कस्बा था लेकिन क्रिकेट के प्रति यहां के युवाओं में काफी दीवानगी थी. हमारे कुछ स्कूली मित्र और आस-पास रहने वाले मित्रों को क्रिकेट का शौक  था .........उन्हीं के साथ हम सब भी क्रिकेट खेलने लगे. उन दिनों हमारे क्रिकेटर साथी पिंटू,कमल, मंगू, तूते   आदि थे. पंकज जहां तेज गेंदबाजी और आक्रामक बैटिंग के लिए पहचान बना रहे थे वहीं मैं टिकाऊ बल्लेबाज और कामचलाऊ गेंदबाज की हैसियत से पहचाने जाने की जद्दोजहद में था.
   
                                                       समय बीता, हम मैनपुरी आ गए.  मैनपुरी में क्रिकेट के साथ ऐसा रिश्ता  जुड़ा  कि आज तक जारी है. मैनपुरी राजा का बाग में जब हमारा घर बना तो पूरा का पूरा इलाका खुला फील्ड था........ कहीं भी ईंटो का स्टम्प बनाया और सामान्य लकड़ी के बेटे के साथ कोर्क  की बाल  .... खेल शुरू .......  इस दौरान मुकेश , टोनी, असलम, हरिओम, संजय आदि लोग साथ आ गए.
                                                   
पंकज ने  क्रिकेट जगत में  ’स्पीड  स्टार ’ का दर्जा हासिल किया.....
                                                 मेरा लगाव स्थानीय क्रिकेट तक ही सीमित रहा.  राजा का बाग इलेविन का मैं कप्तान रहा, हमारी टीम  जबरदस्त परफारमेंश  भी देती रही. जैसा की मैंने लिखा कि मेरा क्रिकेट प्रेम तो स्कूल-मोहल्ले तक सीमित रहा लेकिन पंकज ने अपने क्रिकेट प्रेम को और परवान चढ़ाया. आठवीं-नौवी कक्षा तक आते आते वे स्टेडियम में प्रेक्टिस करने लगे.
                                                     इमरान खान को अपना आदर्श  माने वाले पंकज ने तेज बालिंग  में ’स्पीड  स्टार  का दर्जा हासिल किया और दो साल तक उनकी तेजी का कहर मैनपुरी के क्रिकेट जगत में गंूजता रहा। इसी बीच वे वीनू मांकड ट्राफी खेलने आगरा गए जहां उन्होंने धांसू बाॅलिंग कर काफी वाहवाही लूटी. उनकी प्रतिबद्वता का आलम यह था कि वे रोजाना सुवह-शाम स्टेडियम जाते और आठ -दस घण्टे की नेट प्रेक्टिस करते.
       

 श्यामकांत: आलराउण्डर  के सारे गुण
                                                            इसी बीच श्यामकांत, अमित ने क्रिकेट से नाता जोड़ा. श्यामकांत बाएं हाथ के तेज गति के गेंदबाज और शानदार बल्लेबाज रहे. आलराउण्डर होने के सारे गुण उनमें मौजूद थे, उन्होंने भी वीनू मांकड ट्राफी में शानदार प्रदर्शन  किया. मथुरा के विरूद्व उनका बालिंग प्रदर्शन   ऐसा था कि बड़े बड़े बल्लेबाज उनकी बाल के सामने पानी मांग गए...... ट्राफी में वे बेस्ट बालर चुने गए. सिंह सदन के ही एक और हीरा  अमित (चिंटू) के रूप में सामने आया जिसने  बल्लेबाजी में अपना जौहर दिखाया. राजा का बाग इलेविन की कप्तानी और उप कप्तानी करते हुए श्यामू -चिंटू की जोड़ी में अपनी दबंगई जारी रखी.
                                                       
जोनी : खेल  कम ....सेंस आफ ह्रयूमर  ज्यादा
                                        जोनी का क्रिकेट प्रेम अंग्रेज खिलाडि़यों की तरह रहा. वे फ़ील्ड में अपने हास परिहास तथा मनोरंजक कमेण्ट और हास्यस्पद मनोभावों को प्रदर्शित  करने के लिए जाने जाते रहे. मैदान में उनकी उपस्थित खेल के लिए कम सेंस आफ ह्रयूमर के लिए ज्यादा रहती थी.

                                                          गाँव -देहात में अपने क्रिकेट प्रेम के लिए पुष्पेन्द्र/टिंकू  काफी जाने जाते रहे. पुष्पेन्द्र ने तो बाकायदा मेदेपुर ग्राम की टीम बनाकर अपने नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन  किया. उनकी टीम ने समीपवर्ती गाँवों यथा बिटुकिया ने नगला, जागीर, चैहानपुरा, निजामपुरा आदि की टीमों को चित्त किया.
                                                       
                                                           गुरूदेव प्रमोद ’रत्न’ का क्रिकेट प्रेम वंडर ब्यॉय  अजहरूद्दीन की  गिरफ्त में रहा.

’सिंह सदन प्रीमियर लीग’...... 
                                                          वर्तमान में ’सिंह सदन प्रीमियर लीग’ भी अपने आयोजन, खिलाड़ियों की नीलामी और रोमांचकता के लिए जानी  जा रही है . अब तक इस लीग के दो सत्र आयोजित किए जा चुके हैं पूरे मैनपुरी विशेष कर राजा बाग में इस प्रीमियर लीग को लेकर जबरदस्त उत्साह रहता है.
                                                       तकरीबन 8 टीमें  इसमें हिस्सा लेती हैं और इस आयोजन को बड़े शानदार तरीके से कारया जाता है. लीग के प्रथम सत्र में अप्रत्याशित रूप से दिलीप की टीम और दूसरे लीग में कोच्ची रिटर्न्स के रूप में मेरी टीम विजेता रही थी. इसके अलावा बिट्टू, सचिव जैसे युवा जो खेलने से ज्यादा प्रबन्धन (मैनेजमेन्ट) में रूचि रखते है, वे इस आयोजन को सफल बनाते है.
                                                        दुआ कीजिये ....सिंह सदन का क्रिकेट प्रेम यूँ ही परवान चढ़ता रहे........

***** PK

5 comments:

psingh said...

wah.....bhaiya
bahut sundar

psingh said...

kriket prem to singh sadan me hai hi magar apne jis trah is vayan kiya kabile tarif hai ispost ka kafi samay se intjar tha
prnam swikaren .

Anonymous said...

its been nice too see dat @pankaj bhaiya@....is also like cricket...nd even yet he is a nice player...so bhaiya....lets play cricket on dis coming sunday....
@bhupendar sharma@

Anonymous said...

धन्यवाद.....!!!

sachin singh said...

पुरानी यादो को समेटे बेहतरीन पोस्ट....!!
इंशाल्लाह सिंह सदन का क्रिकेट प्रेम
दिन पे दिन परवान चढ़ता रहे...

चरण स्पर्श स्वीकारे ......गुरुदेव

sachin singh