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Friday, May 21, 2010

अपनों से अपनी......!

उपसंपादक की हैसियत से पुष्पेन्द्र जी ने जो सन्देश दिया है....वो उनकी जिम्मेदारी का एहसास दिलाते हैं. पुष्पेन्द्र की बात से मैं सहमत हूँ....मगर यार मुझे "बिग बॉस" वाला रोल मत दो. सब लोग लिखें.....सहकारी रूप से ही इस ब्लॉग को चलने का उत्तरदायित्व हम सब पर है......हर एक मेंबर महीने में दो- तीन पोस्ट लिखे तो भी पोस्ट -सक्रियता बनी रहेगी. "पहेली" वाला विचार अच्छा है........प्रत्येक शनिवार की शाम को पहेली पोस्ट की जाएगी.....जवाब के लिए रविवार-सोमवार रहेगा. सोमवार की शाम को पहेली का उत्तर व विजेता घोषित किये जायेंगे.
प्रत्येक महीने बेस्ट- कंट्रीब्यूटर का अवार्ड पंकज सिंह द्वारा अपने बुलेटिन में घोषित किया जाएगा. गत दो महीने का बेस्ट कंट्रीब्यूटर का अवार्ड " पंकज सिंह " को ही दिया जाता है. उनकी लेखनी ने जो सहज भाव में घर के सदस्यों का परिचय प्रस्तुत किया है ,निसंदेह वो अद्भुत है. बुलेटिन में उनकी हास्य मिश्रित- चेतावनियाँ गुदगुदाती हैं....आँखें भी खोलती हैं . जोनी ने भी ब्लॉग पर काम किया है, पर लगता है उनकी व्यस्तता ज्यादा है सो बीच बीच में अचानक कच्छप गति में आ जाते हैं .....पर भाई ब्लॉग चलाना है तो प्रतिबद्धता तो दिखानी ही पड़ेगी। श्यामू के एक्जाम ख़त्म हों तो एक नया लेखक/ ब्लोगर इस ब्लॉग को मिलेगा........बच्चों के फोटो वगैरह तो लगाये जा सकते हैं......! एक लिस्ट भी बनाई जाये जिसमे डेट वाईज मेम्बरान के जन्मदिन- शादी सालगिरह आदि बताये जाएँ. बाकी सब सुखद है.......!
आभार........!
पकु .....!

1 comment:

psingh said...

भैया आप से विनम्र अनुरोध है की आप मेरे नाम में जी न लगाये
पुष्पेन्द्र जी सुनकर कर एसा लगता है जैसे आप ने मुझे पराया कर दिया है |
और आप मुझे पिंटू ही कहें इस नाम से हमने आपके साथ अपना बचपन जिया है |
आप कृष्ण है तो मै अर्जुन हूँ |
आप राम है तो मै हनुमान हूँ |
"मै दिल के तुम्हारे पास हूँ
मै इन चरणों का दास हूँ "
पिंटू