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Tuesday, January 31, 2012

स्ट्रेट ड्राइव....

एक दिव्यात्मा :हेमंत कुमार 
 VOLUME---4                                                        

न  ये चाँद होगा न तारे रहेंगे ...  

                                            आज मैं अपनी एक और प्रिय शख्सियत... हेमंत कुमार से आपका परिचय कराते हुए अपने श्रद्धा सुमन उस महान आत्मा को प्रस्तुत कर रहा हूँ !

एक जोगी आया....                                             
                                                                         हेमंत कुमार(16 June 1920 – 26 September 1989) का पूरा नाम हेमंत कुमार मुखोपाध्याय था !उनका जन्म वाराणसी में हुआ था... यद्यपि उनके पूर्वज पश्चिम बंगाल से थे जो कलकत्ता में बस गए थे !हेमंत कुमार के पुत्र जयंत का विवाह मौसमी चटर्जी से हुआ है !


संगीत के सहयात्री...... 
                                                        परिवार के विरोध के बावजूद उन्होंने ENGINEERING  की  पढाई छोड़कर संगीत में कैरिअर बनाने का निश्चय किया !हेमंत कुमार ने अपना पहला गीत All India Radio  के लिए १९३३ में रिकार्ड किया पहला फ़िल्मी  गीत बंगाली फिल्म Nimai Sanyas (१९४१) के लिए गाया !हेमंत कुमार ने पहला हिंदी फ़िल्मी  गीत फिल्म इरादा (१९४४) में  पंडित अमरनाथ के संगीत निर्देशन में गाया !


रविन्द्र संगीत को दी नई ऊँचाइयाँ ....  
                                                     हेमंत कुमार को  रविन्द्र संगीत को  नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए भी याद किया जाता है !बतौर संगीत निर्देशक उनकी पहली बंगाली फिल्म Abhiyatri (१९४७) थी!


वन्दे मातरम् ......
                                                  40 के दशक के मध्य में मुंबई आये  और सलिल चौधरी के साथ काम शुरू किया आनंद  मठ (1952)  ने उन्हें व्यापक पहचान दी ....विशेष कर इस के वन्दे मातरम् गीत ने ! वन्दे मातरम् गीत बाद के वर्षों में कई अलगअलग  धुनों में गाया गया..... पर आनंद  मठ (1952) के स्तर तक कोई ना पहुँच सका !


राह बनी खुद मंजिल ....
                                                ५० के दशक में प्ले बैक सिंगर के रूप में वे बहुत प्रसिद्ध हुए विशेष कर देव आनंद के लिए ! देव आनंद के लिए उन्होंने जाल सोलहवां साल हाउस नंबर 44 के लिए प्ले बैक सिंगर के रूप में गाया!  ये   गीत आज भी संगीत प्रेमियों के लिए धरोहर हैं !१९५४ में उन्होंने नागिन का संगीत दिया जो आज तक का सबसे मकबूल संगीत माना जाता है !


निशाना चूक ना जाए .....
                                                  ''जाग्रति'' और ''एक ही रास्ता'' ने भी सफलता के कीर्तिमान बनाये !६०  के दशक में बीस  साल  बाद , कोहरा , बीवी  और  मकान , फरार , राहगीर , ख़ामोशी ने उन्हें बहुत ऊँचा कद दिया ! हेमंत कुमार अपने स्तर और क्वालिटी के लिए जाने जाते हैं ! उन्होंने बहुत इत्मीनान से कम लेकिन बहुत उत्कृष्ट कार्य किया! उनकी एक-  एक रचनाएँ आज भी संगीत प्रेमियों के लिए धरोहर हैं !

जिंदगी कितनी खूबसूरत है ...
                                           हेमंत कुमार द्वारा संगीत बद्ध  अनजान , अनुपमा , अरब  का  सौदागर  बहु , बंधन , बंदी , बंदिश ,  बिन  बदल  बरसात , बीवी  और  मकान  डाकू  की  लड़की    , दो   दिल , दो  दूनी  चार , देवी  चौधुरानी एक   झलक फैशन गर्ल  फ्रेंड हमारा  वतन , हिल  स्टेशन , हम  भी  इंसान  है  इंस्पेक्टर कोहरा , कितना  बदल  गया  इंसान, मिस  मेरी ,साहिब  बीबी  और  ग़ुलाम, सम्राट , सन्नाटा , शर्त  ताज जैसी फिल्मों के गीत हिंदी फिल्म  संगीत की अमूल्य निधियां हैं !

...या दिल की सुनो दुनिया वालों ...
                                                 हिंदी फिल्म  संगीत प्रेमी और शोध कर्ता के तौर पर मैंने  १९३० से लेकर   आज तक के गीत संगीत को हर नज़रिए से जांचा परखा है ! अपने स्तर और क्वालिटी के लिए ही नहीं एक लाजवाब कशिश और मधुरता के लिए मैं हेमंत दा को सबसे ऊपर रखता हूँ ! उनके गीत आज भी मुझे सबसे बेहतरीन स्ट्रेस बस्टर लगते हैं ! ६० के दशक के बाद हेमंत दा ने काम बंद कर दिया ! इसके बाद उन्होंने पूरा समय रविन्द्र संगीत और  बंगला संगीत को ही दिया !



हमने  तो बस कलियाँ चाहीं ....                                             
                                                   हेमंत दा को  भारत सरकार और  पश्चिम बंगाल सरकार ने कई सम्मानों से नवाज़ा.... पर उनका सबसे बड़ा सम्मान संगीत प्रेमियों  द्वारा उनकी एक-  एक रचनाओं से किया गया प्रेम है .....जो आज भी अनवरत जारी है! दूरदर्शन  को बधाई की उन्होंने  हेमंत दा की कई रिकार्डिंग्स संजो कर रखी हैं... और उन्हें अक्सर ब्रोडकास्ट भी किया जाता है ...  पर  क्या नयी पीढ़ी उनके योगदान और  हेमंत दा होने का अहसास समझ पा रही है ! 

मेरी पसंद के नजराने ख़ास आपके लिए...
                                                        यहाँ मैं पेश कर रहा हूँ हेमत दा के १४ ऐसे अमर गीत जो मुझे सबसे ज्यादा पसंद हैं !मौका निकाल कर आप भी उन्हें इत्मिनान से सुनेंगे तो आप भी  हेमत दा  की लाजवाब पुर  कशिश आवाज़ और उनके संगीत की  मधुरता में डूब जायेंगे !
                     आपकी सुविधा के लिए पेश है इन अनमोल गीतों का पूरा विवरण (गीत ,फिल्म ,वर्ष ,साथी गायक /गायिका , संगीतकार ,गीतकार के क्रम में पढ़ें ) ---

1-Aa gupchup gupchup pyaar karen Sazaa 1951 Sandhya Mukherjee S.D. Burman Sahir


2-Vande mataram Anandmath 1952 with Chorus Hemant Kumar Bankim Ch. Chatterjee


3-Ye raat ye chaandni Jaal 1952 S.D. Burman Sahir


4-Jaag dard-e-ishq jaag Anarkali 1953 Lata Mangeshkar C. Ramchandra Rajinder Krishan


5-Yaad kiya dil ne Patita 1953 Lata Mangeshkar Shankar Jaikishen Hasrat


6-Aa nile gagan tale Badshah 1954 Lata Mangeshkar Shankar Jaikishen Hasrat Jaipuri


7-O zindagi ke denewale Nagin 1954 with Chorus Hemant Kumar Rajinder Krishan


8-Dekho won chand Shart 1954 Lata Mangeshkar Hemant Kumar S H Bihari


9-Teri duniya me jeene se House no. 44 1955 S.D. Burman Sahir


10-Chup hai dharti House no. 44 1955 S.D. Burman Sahir


11-Nain so nain Jhanak Jhanak Payal Baje 1955 Lata Mangeshkar Vasant Deasi Hasrat


12-Dil ki umangen hai jawaan Munimji 1955 Geeta Dutt S.D. Burman Sahir


13-Ye hansta hua kaarwaan zindagi Ek Jhalak 1957 Asha Bhosle Hemant Kumar S H Bihari

14-Yaad aa gayi wo nashili nigahen (happy/sad versions) Manzil 1960 S.D. Burman Majrooh

***** PANKAJ K. SINGH



5 comments:

psingh said...

param adarniya bhaiya
ati sunadar lekh
jankari ka khajana ....
pranam swikaren

Anonymous said...

ghazab likha hai...
hs

Anonymous said...

जबरदस्त लेख
हेमंत कुमार के बारे में ऐसा सटीक विवरण
वाकई कमाल है
बेकरार कर के हमे यूं न जाइये आपको हमारी कसम लौट आइये जैसे गाने ...
बस गा दिए गए
अब ऐसे गाने गाना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन भी है
हेमंत कुमार की बड़ी श्रंखला मैंने संजो के रख रखी है
सादर आभार की ऐसे रचना
इस ब्लॉग पर आई
श्यामकांत

Anonymous said...

आपका स्ट्रेट ड्राइव कॉलम हमेशा जोरदार रहता है...
हेमंत कुमार का ऐसा परिचय पहली बार हुआ.....
धन्यवाद ..........

बिटिया

Anonymous said...
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