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Wednesday, November 9, 2011

COMPREHENSIVE TEST REPORT CARD 2011



VOLUME-1


first result of COMPREHENSIVE TEST REPORT CARD 2011 is on air ...

मित्रों... पहला COMPREHENSIVE TEST REPORT CARD 2011 तैयार है... और आज हम इसे आपके लिए पेश कर रहे हैं ... और शुरुआत हमने सिंह सदन सुप्रीमो श्री डी पी सिंह से की है ! ये COMPREHENSIVE TEST REPORT CARD तैयार करने में हमारे विशेष सहयोगी रहे हैं ... जाने- माने चिन्तक ,समाज शास्त्री एवं कवि ...हमारे पुष्पेन्द्र सिंह यानि भैया पिंटू !


....एक विनम्र  निवेदन और आपसे करना चाहूँगा ...कि ये COMPREHENSIVE TEST REPORT CARD किसी को बड़ा या छोटा आगे या पीछे साबित कदापि नहीं करेगा ! सिंह सदन में ईश्वर प्रदत्त वरिष्ठता सूची ही मान्य है ... जिसे किसी भी प्रकार की न्यायिक चुनौती से पूर्ण संरक्षण प्राप्त है !

... वास्तव में हम जैसे भी हैं... ईश्वर निर्मित हैं और हमारे दोष या गुण भी उसी की इच्छा मात्र ही हैं ! इसलिए हर व्यक्ति अच्छा है ..महान है ... और इस प्रथ्वी पर अपना रोल मात्र प्ले कर रहा है ! उसी प्रकार जैसे  नाटक में हर पात्र का अपना महत्त्व होता है ... कोई पात्र छोटा - बड़ा नहीं होता उसे .... कैसे निभाया गया ये अवश्य  महत्वपूर्ण हो सकता है !

.... इसलिए उसी क्रम में हमारे COMPREHENSIVE TEST REPORT CARD को उसी स्पोर्टिंग स्पिरिट से लेने की जरुरत है ...हाँ कुछ सीखने की इच्छा हो तो वो काम तो इससे भी बखूबी किया जा सकता है ....तो पेश है...

COMPREHENSIVE TEST REPORT CARD OF SHRI D. P. SINGH

  •  1. व्यक्तित्व  * 1.5
  • 2. रिश्तों में मर्यादा एवं उत्तरदायित्व की भावना * 1.5
  • ३. जीवन मूल्यों के प्रति आग्रह * * 1.5
  • ४.  भौतिक उपलब्धियां * * 1.5
  • ५.  लोक जीवन एवं सार्वजनिक छवि *1.5
  • ६.  स्वास्थ्य एवं अनुशासन * * 2
  • ७. जीवन में आध्यात्मिकता एवं चिंतन शीलता * 1
  • ८ . सत्य का अनुश्रवण एवं सत्य का साथ देने की क्षमता * *1.5
  • ९.  जनहित एवं सेवा भावना * 2.5
  • १०.  आत्मविश्वास एवं प्रतिकूल परिस्थितियों से जूझने की क्षमता * *2.5
  • ११. निर्विकार एवं निर्दोषता * 1
  • १२. जिज्ञासु एवं नित नया सीखने की ललक * 1.5
  • १३. रचनात्मकता * 1
  • १४. वाक् निपुणता एवं भाषण शैली * 1.5
  • १५ .आत्म द्रष्टि एवं दूरद्रष्टि * 1
  • १६. साहस एवं निर्भीकता * * 2.5
  • १७. सिंह सदन के गौरव को बढ़ाने में योगदान * 1.5
  • १८. अन्य सदस्यों  को प्रेरित करने की नेतृत्व  क्षमता * 1
  • १९.  प्रगतिशील द्रष्टिकोण एवं निरंतर प्रगति की ललक * 1
  • २०. निस्वार्थ एवं कपट रहित जीवन * 1.5
TOTAL SCORE  IS 30.5 

***** PANKAJ K. SINGH & PUSHPENDRA SINGH PINTU

COMPREHENSIVE TEST REPORT CARD 2011

VERY FIRST RESULT ...IN FEW HOURS...

....साथियों आप के इंतज़ार की घड़ियाँ ख़त्म ..... आज देर शाम तक हम जारी करने वाले हैं.... पहलाCOMPREHENSIVE TEST REPORT CARD 2011... और कसौटी पर कसे जा रहे हैं... सिंह सदन सुप्रीमो श्री डी पी सिंह !


*****PANKAJ K. SINGH 

Monday, November 7, 2011

COMPREHENSIVE TEST REPORT CARD 2011


बीत गए दिन भजन बिना रे ....

 प्रिय सदस्यों ...अब दिल थाम कर बैठ जाइए .. और कान लगा कर सुनिए क्योंकि जो मैं कहने जा रहा हूँ उसे सुन कर अवश्य ही  आपके दिलों की धड़कने बढ़ जायेंगी और आप बिना करवटें बदले सो नहीं पायेंगे .. जल्द ही आपके सामने एक - एक कर पेश होने वाला है .. एक - एक सदस्य का रिपोर्ट कार्ड !
 एक - एक सदस्य का समय कठोर मूल्यांकन करेगा ! मूल्यांकन हेतु २० मानकों का चयन किया गया है !प्रत्येक मानक पर अधिकतम ५ अंक होंगे ... इस प्रकार कुल १०० अंकों की कसौटी पर आप परखे जायेंगे !

 प्रत्येक मानक पर सदस्यों को अंक प्रदान करते हेतु ५ आधार बनाये गए हैं ...
0 खराब(० अंक )
* साधारण (१ अंक )
* * मध्यम (२ अंक )
* * * श्रेष्ठ (३ अंक )
* * * * अतिश्रेष्ठ(४ अंक )
* * * * * असाधारण( ५ अंक )
.... मानक ऐसे होंगे कि आपके पूरे जीवन का लेखा- जोखा ही सामने आ जायेगा !

... मानक कौन से होंगे ... जरा आप खुद ही नज़र डाल लीजिये..

 1. व्यक्तित्व
2. रिश्तों में मर्यादा एवं उत्तरदायित्व की भावना
३. जीवन मूल्यों के प्रति आग्रह
४.  भौतिक उपलब्धियां
५.  लोक जीवन एवं सार्वजनिक छवि
६.  स्वास्थ्य एवं अनुशासन
७. जीवन में आध्यात्मिकता एवं चिंतन शीलता
८ . सत्य का अनुश्रवण एवं सत्य का साथ देने की क्षमता
९.  जनहित एवं सेवा भावना
१०.  आत्मविश्वास एवं प्रतिकूल परिस्थितियों से जूझने की क्षमता
११. निर्विकार एवं निर्दोषता
१२. जिज्ञासु एवं नित नया सीखने की ललक
१३. रचनात्मकता
१४. वाक् निपुणता एवं भाषण शैली
१५ .आत्म द्रष्टि एवं दूरद्रष्टि
१६. साहस एवं निर्भीकता
१७. सिंह सदन के गौरव को बढ़ाने में योगदान
१८. अन्य सदस्यों  को प्रेरित करने की नेतृत्व  क्षमता
१९.  प्रगतिशील द्रष्टिकोण एवं निरंतर प्रगति की ललक
२०. निस्वार्थ एवं कपट रहित जीवन



.....इस प्रकार आप देख सकते हैं कि ये स्वयं में काफीCOMPREHENSIVE TEST REPORT CARD होगा! यदि किसी सदस्य को कोई और मानक बढ़ाना हो जो उपरोक्त के अतिरिक्त हो.... तो तत्काल लिखे !

....कुल मिलाकर ये COMPREHENSIVE TEST REPORT CARD  आपके पूरे जीवन  का लेखा जोखा पेश करेगा !
..... तो मित्रों जो हमने अब तक बोया है वो काटने का समय आ गया है ! आइना जल्द हमारे सामने होगा ! इसे SPORTING SPIRIT से लेने की जरुरत है !

... ज़िन्दगी ने काफी समय हमें दिया है .... एक इंसान होने के नाते हमारा भी फ़र्ज़ बनता है कि हम एक बार पीछे पलट कर देखें... और गंभीरता से सोचें... कि हमारे कर्म कैसे रहे हैं... हमने कितनी गलतियाँ क़ी हैं... और उनके परिणामों से क्या सीखा है !

... जीवन बड़ी तेजी से आगे गुजर रहा है.... छोटों को सीखने के लिए २० वर्ष क़ी आयु तक का और बड़ों को कुछ करने के लिए अगले २० युवा वर्ष ही मिलते हैं ...और ये सभी बड़ी तेज़ी से कब  बीत जाते हैं... पता ही नहीं चलता ! हम पलट कर इमानदारी से देखें तो जानेंगे कि सारा समय बस खाने- पीने, तफरीह बाज़ी, कपट करने और नमक- तेल -रोटी जोड़ने में ही चला गया  ! पूरे जीवन भर हमसे पीड़ित कितने ही हमारे ही अपने हमारी ही मौत की प्रतीक्षा करते रहे ... और हमारी मौत पर भी  शायद ही कोई रोये  !

...हमारे सामने कोई गुरु नहीं है... कोई संत नहीं है ...या यूँ भी कह सकते हैं कि यदि द्रष्टि हो ...तो हर व्यक्ति ही गुरु है.. संत है ..सभी में कुछ न कुछ विशेषताएं हैं !सब कुछ अपने ऊपर है ..अतः अत्त दीपो भव !!


***** PANKAJ K. SINGH         

Saturday, October 29, 2011

रोशनी के झुरमुट में सांवले अंधेरे है........

सूरज की हथेलियों पर खुशबुओं के डेरे है 
तितलियों के पंखो पर  जागते सवेरे है,

नर्म-2 लम्हों की रेशमी-सी टहनी पर 
परिंदों के गीतों के खुशनुमा बसेंरे है ,

फिर मचलती लहरों पर नाचती किरणों ने   
आज बूँद के घुघरूं दूर तक बिखेंरे  है ,

सच के झीने आँचल  में झूठ  यूँ छिपा जैसे
रोशनी के झुरमुट में सावले अँधेरे है,

डूबे हुए स्याही में जो लफ्ज-2 है
मेरी गजल में उन आंसुओं के फेरे है .....


सचिन सिंह 

Tuesday, October 25, 2011

दीपावली ही हार्दिक शुभकामनाएं.....!


दीपावली ही हार्दिक शुभकामनाएं.....
"सिंह सदन" की बगिया में खिला हर फूल यूँ ही महकता रहे रौशनी लुटता रहे.....!
दीपक से सीख लेता हुआ हर सदस्य भले खुद जल जाए मगर उजाला बांटता रहे..... हमारी परंपरा है यह कि छोटो से प्यार करें बड़ों से आशीर्वाद पायें.....!
हम सब किसी से छोटे हैं तो किसी बड़े..... हर मर्यादा से गुजरना है हमें.....!!!

कोई सीख नहीं है यह.... बस भावनाएं हैं जिन्हें व्यक्त कर रहा हूँ.....!
सबकी तरफ से सबको दीवाली की शुभकामनाएं. 
 
PK

Monday, October 24, 2011

SPL -III ....हट के है|



जैसा क़ि सर्वविदित है क़ि सिंह सदन पिछले दो वर्षों से SPL का आयोजन बहुत ही भव्य तरीके से कराता आ रहा है
इस बार इस आयोजन को और भी जोरदार और रोचक बनाने क़ी तैयारियां जोरों से चल रही है | पिच विशेषज्ञ श्री ह्रदेश जी क़ी देख
रेख मै पिच को बहुत ही अच्छी तरह तैयार कराया जा रहा है ताकि गेंद के उछाल को संयंत्रित किया जा सके और
अच्छे स्कोर बन सके ताकि दर्शकों का पैसा वसूल हो सके
और अच्छा क्रिक्र्ट देखने को मिल सके |
तो सभी खिलाडियों से अनुरोध है क़ी अपनी उपस्थिति सिंह सदन हैड ऑफिस मै दर्ज जरुर करादें ताकि आप क़ी बोली लग सके
बाद में मुझसे सिफारिश करने न आइयेगा ........|

Sunday, October 23, 2011

200 NOT OUT .... & CONTINUED


बाग़ -ए- सिंह सदन ....


'' सिंह सदन'' ब्लॉग ने एक और मानक पार कर लिया है... 200 नॉट आउट ! ...इस मौके पर सभी सिंघम को हार्दिक बधाई... साथ ही इस उपलब्धि से प्रेरित होकर  एक ''महाकाव्य''-'' सिंह सदन''   की शुरुआत कर रहा हूँ! आप सभी को  भी अनिवार्य रूप से अपने अपने योगदान की आहुति डालनी है !कम से कम २००० छंदों के साथ इस महाकाव्य को सजाने का अपना लक्ष्य होना चाहिए !

..........शुरुआत ये नाचीज़ कर रहा है, आप इसमें जोड़ते चलिए !
                                 
महाकाव्य....

'एक दूजे से खुशबू लेते, एक दूजे के लिए बने  !
सिंह सदन की फुलवारी में, रंग बिरंगे फूल खिले  !!

अम्मा 'उषा किरण' अनोखी, प्रतिभा और ममता का मिश्रण !
यात्राओं का शौक है भारी, नित संतों का करे अनुश्रवण!!

हो कर रह जाता है उनका ,जो भी उनसे आ के मिले!
सिंह सदन की फुलवारी में, रंग बिरंगे फूल खिले  !!

 सिंघम सुप्रीमो का कड़क अंदाज़, हर ख़ास ओ आम की जान सुखाये!
 छोटे - बड़े का हो जो दंगल ,रेफरी बने सो 'चाँद' कुटाये !!

होठों से सब फूटे खस्ते, बीच राह जब ....नंदन आ मिले!
सिंह सदन की फुलवारी में, रंग बिरंगे फूल खिले  !!

 शीला माँ हैं बड़ी साध्वी, हरदम सबको सीख सिखाती!
 प्यारी- न्यारी अंजू भाभी ,सबको अपने पास बुलाती !!

 सभी भागते हैं नॉएडा को ,जिसको जो भी ट्रेन मिले !
सिंह सदन की फुलवारी में, रंग बिरंगे फूल खिले  !!

 तर्क शास्त्र में प्रवीण बड़े हैं ,फिर भी कहलाते हैं छोटे !
अंदाज़े- बयाँ है बहुत निराला ,शब्दों के हैं बाण अनूठे !!

 जोशे- जुनूँ से फटे आस्मां ,दर्जी (BADE) से भी नहीं सिले !
सिंह सदन की फुलवारी में, रंग बिरंगे फूल खिले  !!

श्यामू- लीची- इशी- शेरा, रोशन है इनसे ही महफ़िल !!
बल्ली- दिलीप- पिंटू और टिंकू, सब चर्चिल हैं क्या करता है अंकिल -अंकिल!    

 हर मौके पर मस्ती होती, बजे ढोल जहां सभी मिले !
सिंह सदन की फुलवारी में, रंग बिरंगे फूल खिले  !!

उमा टशन में' हप्पा' खाएं, रतन साब नित सोचत जाएँ!
 फौजी संग उषा दी जब देखो तब, नित मिश्त्री संग राज बुलाएं !!

 भागें सब अक्सर मेदेपुर को,  जिया कचौरी पुरीं तले !
 सिंह सदन की फुलवारी में रंग बिरंगे फूल खिले  !!

*****PANKAJ K. SINGH