रक्षा बंधन की सिंह सदन के सदस्यों को बहुत बहुत शुभकामनाये. आज बहुत याद आ रही है उषा दी, गीता दी, भारती और सभी बहनों की जो रक्षा बंधन पर कलाई पर राखी बांधती थीं . सरकारी व्यस्तताओं के चलते अब मिलना जुलना कम हो गया है.... मगर स्नेह और प्यार की डोरी अभी भी उतनी ही मज़बूत है. आज भी गीता दी का प्यार, उषा दी की रंगीन मिठाईयां याद आती हैं.
रक्षा बंधन की सबको बहुत बहुत प्यार, बधाई.....!

