नया साल आया है
खुशियाँ भर लाया है
सारे महीनों में
चैत्र माह बड़ा लगे
धूप है सताने लगी
प्यासा अब घड़ा लगे
बागों में देखो
अमुआ बौराया है
नया साल आया है
खुशियाँ भर लाया है |
मीठी अब लगने लगी
नीबू की डाली है
खेतों में झूम रही
गेंहूँ की बाली है
भैस है, हफाने लगी
बछड़ा मुस्काया है
नया साल आया है
खुशियाँ भर लाया है |
लू के थपेडों की
आहट सी आने लगी
अरहर के खेतों से
तितलियाँ भी जाने लगी
कलियों पे बैठा
भंवरा गुनगुनाया है
नया साल आया है
खुशियाँ भर लाया है |
दिन को पुरवैया
गर्मी बढ़ाये है
रातों को ठंडी
चादर बिछाये है
फसलें घर लाया है
किसान मुस्कराया है
नया साल आया है
खुशियाँ भर लाया है |
Psingh "pushp"
