सिंह सदन ब्लॉग पर नैतिक एवं अनुशासनात्मक क्रिया कलापों को बल देने के लिए श्यामकांत नैतिक एवं अनुशासनात्मक आयोग का गठन दिनांक २८/१/१२ को सर्व सम्मति से किया गया था
ज्ञातव्य हो कि दिनांक २६/१/१२ को सिंह सदन डेस्क पर सचिन सिंह बनाम सिंह सदन परिवार प्रकरण
सामने आया था जिसके तहत सचिन सिंह ने ब्लॉग पर प्रस्तुत कि गयी अपनी पोस्ट पर बेनामी अशोभनीय टिप्पणियों वाबत खेद व्यक्त करते हुए न्याय कि गुहार की थी
आयोग ने इस मामले को केस संख्या १अ (२६/१/१२/) सचिन सिंह बनाम सिंह सदन परिवार प्रकरण के रूप में दर्ज किया था आयोग को इस की रिपोर्ट सिंह सदन हाई कमान को सात दिनों में प्रस्तुत करनी थी किन्तु प्रशासनिक कार्यों और केस की जटिलता के चलते आयोग ने अतिरिक्त समय की मांग की थी
आयोग ने उच्च स्तरीय प्रशासनिक एवं तकनीकी सहयोग के द्वारा केस को सफलता पूर्वक सुलझाया
आयोग ने सर्व प्रथम सचिन द्वारा प्रस्तुत किये गए साक्ष्यों का गंभीरता से अध्यन किया जिससे
निम्न निष्कर्ष सामने आये
(अ)टिपण्णी ब्लॉग पर तीन माध्यमों से प्राप्त हुई
(ब) प्रयुक्त कम्यूटरओं का आई पी पता ११५.६०.४८.१००/ १२२.७८.९०.३४
मिला जोकि लगातार अपना सर्विस एरिया बदलता रहा
(स) प्रयुक्त मोबाईल का आई ऍम ई आई न ३५७३२३०२०२५३९५६ संज्ञान में
आया और पुष्टि भी हो गई
( द)खास बात यह थी कि इन हेकर्स ने ब्लॉग के लेखकों कि भाषा शैली
का बारीकी से अध्यन किया था
तत्पशचात राज्य सर्वेलांस एरिया आई जी (नाम गुप्त ) एवं ब्लॉग प्रसारित प्रक्रिया क्षेत्र दिल्ली /बेंगलोर के सहयोग से वे २ एस ऍम एस ,रिमोट डेस्कटॉप ,टर्मिनल सर्विस ,टीम वीवर्स ,रेडियो डाटा फ्रेकेंसी आदि तकनीकियों द्वारा साइबर अपराधियों कि धरपकड की गई इस बाबत संजय पाल ,विक्की ,आशु चौबे और विवेक नामक तीन अपराधी सामने आये ये इस से पूर्व यह कई ब्लोगर्स के साथ ये हरकत कर चुके है
साइबर अपराध की धारा १९ (३) स में ये दोषी पाए गए है
कार्यवाही ---आयोग कि चपलता से अपराधियों कि धर पकड़ हुई और उन्हें दण्डित किया गया
आंशिक रूप से शुरुआत करने के लिए दिलीप और टिंकू पर दो पोस्ट का प्रतिबन्ध लगाया गया है और प्रति व्यक्ति ७२ रुपये का जुरमाना किया गया है
साथ ही सचिन द्वारा आयोग पर शंका प्रकट करने के लिए ३६ रुपये का जुरमाना लगा कर कड़ी चेतावनी दी जाती है कि वे कानून अपने हाथ में न ले
और आयोग ने श्री पुष्पेन्द्र सिंह के आमरण अनशन को जल्द तोड़ने कि अपील की है और उनके इस अनशन को ब्लॉग जगत में क्रांति की संज्ञा दी है इनके इस अनशन की आयोग में भूरि- भूरि तारीफ़ की है !
इस कार्य में ह्रदेश सिंह, डी ई जी साहब सुचना तकनीकी के राहुल पाण्डेय
विशाल सिंह ,हिमांशु गौरव आदि का विशेष सहयोग रहा |
धन्यवाद
श्यामकांत