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Wednesday, February 15, 2012

AN YUVRAJ BORN....

सिंह सदन को उत्तराधिकारी मिला ...

आज का दिन शानदार है .. सुबह ६ बजे जोनी .. माँ और ताराचंद अंकल के फोन ने जगाया और यह शुभ खबर मिली की सिंह सदन को नया वारिस मिल गया है .. वर्षों की तमन्ना पूरी हो गयी ... सभी खुश है और सभी को बधाई ... और सबसे बढ़कर उस परम पिता परमेश्वर को धन्यवाद की उसने  सिंह सदन को नया वारिस दिया ...

तो आइये जश्न की शुरुआत करते हैं ...

***** PANKAJ K. SINGH

HAPPY VALENTINE ... SINGH SADAN

DEAR  MAA , PAPA ,BHAIYA , BHAABHI ,JONY, SHYAMU, PINTU, PRIYA, ISHI ,LICHI , SHERU , YUVRAJ , NIKKI , DILIP & ALL MY LOVING SISTERS & BROTHERS , MAAMA & MAAMI , NEHA BITIYA & ALL THE SINGH SADAN LOVING MEMBERS..

I REALLY LOVE YOU ALL ..... YOU ARE THE PEOPLE... WHO MADE MY LIFE ...

आप से ही रौशन ये मेरी जिंदगी है ... वर्ना ये दिये कब के बुझ चुके थे .....

आपका दिल से अहसान मंद ...

****** PANKAJ K. SINGH 

Tuesday, February 14, 2012

आंगनबाड़ी

  Vol-3 

बिटिया की गैलरी से ...









स्ट्रेट ड्राइव !

VOLUME -9 
   
एक दुर्लभ एवं महान युग पुरुष - भीष्म  


                       मेरी सार्वाधिक प्रिय पौराणिक कथा है - महाभारत !   महाभारत से अधिक  दिलचस्प स्क्रिप्ट इस दुनिया में न तो कभी बनी है और संभवतः न ही कभी बन पाए ! ऊँचे जीवन मूल्यों की शिक्षा देने वाली ये अमर कहानी भारत वर्ष की गौरव शाली जीवन पद्यति की अमूल्य धरोहर है !

  न भूतो न भविष्यते....
                           वैसे तो महाभारत युग में एक से एक विलक्षण और महान पात्र हुए हैं परन्तु मेरे सर्वकालिक  प्रिय पौराणिक पात्र तो यक़ीनन देवव्रत ही हैं जो समय के एक ही विलक्षण और अभूतपूर्व न भूतो न भविष्यते क्षण में देखते ही देखते भीष्म बन गए ! क्या मनुष्य रूप में एक व्यक्ति गौरव और महानता के ऐसे दुर्लभ शिखर को भी छू सकता है यह अहसास सम्पूर्ण मानव जाति सदैव आश्चर्य से करती रहेगी !          


देवव्रत .....
                        देवव्रत कुरु सम्राट शांतनु और गंगा के आठवें पुत्र थे ! पूर्व जन्म के श्राप के रूप में देवव्रत ने प्रथ्वी लोक पर जन्म लिया था ! माता गंगा के साथ रहते हुए देवव्रत ने उस युग के सार्वाधिक महान गुरुओं से शिक्षा प्राप्त की !  देवव्रत ने देवताओं के गुरु ब्रहस्पति से राजनीति शास्त्र ऋषि वशिष्ठ से वेद और वेदांग और गुरु परशुराम से शस्त्र शिक्षा प्राप्त की !

भीष्म प्रतिज्ञा .....
                        इस युग में देवव्रत से अधिक नैतिक और शब्दों का धनी व्यक्ति शायद ही कोई पैदा हुआ हो ! अपने पिता कुरु सम्राट शांतनु  की इच्छाओं और सुखों के लिए उन्होंने आजन्म ब्रह्मचर्य व्रत धारण करने की घोषणा की और माता सत्यवती के पिता को संतुष्ट करने के लिए अपना राज सिंहासन भी त्याग दिया !इस भीष्म प्रतिज्ञा के कारण ही उनका नाम भीष्म पड़ गया!


बात को अपनी जान से भी ज्यादा मान दिया....
                                                  बहुत से मोड़ जिंदगी में आये .......जब उन्हें अपनी आजन्म ब्रह्मचर्य व्रत धारण करने की भीष्म प्रतिज्ञा को तोड़ने  का  दबाव कभी  माता सत्यवती तो कभी गुरु व्यास की और से.... कभी काशी राजकुमारी अम्बा तो कभी स्वयं गुरु परशुराम ने उन्हें अपनी आजन्म ब्रह्मचर्य व्रत धारण करने की भीष्म प्रतिज्ञा को तोड़ने के लिए कहा..... पर अडिग भीष्म ने अपनी बात को अपनी जान से भी ज्यादा मान दिया.... और कह दिया की....... यदि उनकी प्रतिज्ञा टूटी तो साथ में उनकी साँसे भी टूट जायेंगी !
                                                उनकी माता सत्यवती ने भी  भीष्म  के चरण स्पर्श करने चाहे थे जिसे भीष्म  ने प्रेम पूर्ण आग्रह से स्वयं नकारते हुए उन्हें माता कहा था !


 भीष्म प्रतिज्ञा का मान .......
                                                     अपनी आजन्म ब्रह्मचर्य व्रत धारण करने की भीष्म प्रतिज्ञा का मान रखने के लिए उन्होंने अपने  गुरु परशुराम से भी युद्ध करना स्वीकार कर लिया ! भीष्म और गुरु परशुराम  के मध्य २३ दिनों तक भीषण युद्ध चला और अंत में गुरु परशुराम ने भी स्वयं उनकी वीरता और आजन्म ब्रह्मचर्य व्रत धारण करने की भीष्म प्रतिज्ञा का सम्मान किया !


महान शूरवीर ..... 
                           भीष्म  अपने युग के महान शूरवीर  थे ! ज्ञान ,दर्शन, प्रतिभा ,साहस ,संवेदना, नैतिकता, दूर द्रष्टि, कर्त्तव्य परायणता  और महानता जैसे समस्त दुर्लभ गुणों  के एकलौते संगम थे ! उनके वीरता के कितने ही किस्सों से महाभारत की कथा भरी पड़ी है !ऐसे महान युग पुरुष का जन्म जिस देश की धरती पर हुआ हो वहां जन्म लेना भी किसी गौरव से कम नहीं है !


महान राज भक्त .....
                                         अपने पिता कुरु सम्राट शांतनु से इच्छा म्रत्यु का वरदान पाने के बाद उन्होंने तब तक अपना जीवन नहीं त्यागा जब तक उन्होंने यह नहीं देख लिया की अब उनके राज्य हस्तिनापुर की सीमायें पूरी तरह सुरक्षित हैं ! धन्य हैं ऐसे  दुर्लभ महान युग पुरुष ! 

दुर्लभ - महान युग पुरुष ...
                                         भीष्म  के जीवन ने मुझे सदैव बेहद प्रभावित किया है ! ऐसे दुर्लभ महान युग पुरुष  को मैं सादर प्रणाम करता हूँ .....और उनसे आशीर्वाद मांगता हूँ की मुझ पर अपने आशीष की वर्षा करें ....ताकि हम भी अपने इस तुच्छ जीवन को धन्य कर सकें !

****** PANKAJ K. SINGH          

Monday, February 13, 2012

प्रेम प्रार्थना है ....प्रेम मुक्ति है, बंधन नहीं ...
प्रेम सदा बेशर्त होता है....प्रत्येक चीज़ की
शुरुआत प्रेम से ही होती है....प्रेम ही वह चट्टान है
जिस पर हम जीवन की ईमारत खड़ी कर सकते है ..
जीवन प्रेम की कला सीखने का एक स्कूल है.. .
प्रेम ही वह साधन है जिससे हम परमात्मा के समीप
पहुच सकते है...जब दिल में प्रेम होता है तब आप एक
प्रकाश पुंज बन जाते है जिसकी रोशनी में सभी प्रकार के
अँधेरे मिट जाते है  और प्रेम में न सिर्फ आप दिव्य बन जाते है 
बल्कि  वह भी जिससे आप प्रेम करते है ....!!

प्रेम ही है जिसके कारण माँ के गर्भ में एक नन्ही सी जान
नौ माह तक सलामत रहती है...वर्ना आप यदि एक छोटे से
डिब्बे में भी किसी को  कुछ दिनों के लिए
बंद कर दे तो उसकी जान चली जाती है.... प्रेम में  ही
चमत्कार घटित होते है.... जहाँ प्रेम, वहां  परमात्मा !!

तो सिर्फ किसी खास दिन ही प्रेम क्यों ...??
हर पल एक दूसरे से प्रेम करे और जीवन को
एक उत्सव की तरह जिए...!!

[पूज्य गुरू- पवन चाचा जी के पावन चरणों में  समर्पित ...]

सचिन सिंह

Sunday, February 12, 2012

स्ट्रेट ड्राइव !

VOLUME--8

 मधु मुस्कान ...  

याद न जाए ...बीते दिनों की .. !




                  .......बातें जब मनपसंद चीज़ों की हो रही हो ....तो मेरी फेवरेट लिस्ट में  सबसे ऊपर है -कोमिक्स ! .. बचपन से लेकर अब तक कोमिक्स के खुबसूरत संसार में हम सभी डूबे से रहे हैं !

हसीन यादों के सफ़र पर...
                           मधु मुस्कान एक ऐसी कोमिक मैगजीन रही है जिसके हर अंक के साथ मानो हमारा बचपन और रंगीन होता गया ! मधु मुस्कान की हसीन यादों के सफ़र पर चलने के लिए आज ये दिल एक बार फिर बेज़ार हुआ जा रहा है ... तो आइये मेरे साथ ..

सर्कुलेशन एक लाख पार....
                             मधु मुस्कान का प्रकाशन फिल्म पत्रिका मायापुरी के ही प्रकाशन द्वारा शुरू  किया गया था १९७० के दशक में  मधु मुस्कान का सर्कुलेशन एक लाख को भी पार कर गया था ! इसमें कई पात्रों की चित्रकथाएं नियमित रूप से प्रकाशित होती थी !

मधु मुस्कान के लोकप्रिय पात्र ...
                                मधु मुस्कान के लोकप्रिय पात्रों में डैडी जी ,डाकू पान सिंह ,बबलू , पोपट -चौपट,सुस्तराम -चुस्तराम ,भूत नाथ और जादुई तूलिका, फ़िल्मी रिपोर्टर कलम दास,चंद्रू , जासूस चक्रम ,मिनी , आकाश पुत्र शक्तिमान ,मंगलू मदारी और बन्दर बिहारी ने सफलता के नए कीर्तिमान रच दिए !

मधु मुस्कान कोमिक मैगजीन से... मधु मुस्कान कोमिक्स.. 
                                  इनकी सफलता से प्रभावित होकर प्रकाशकों ने इन्ही लोकप्रिय पात्रों को लेकर  मधु मुस्कान कोमिक्स शुरू कर दी !इन्ही प्रकाशकों ने बाद में ''त्रिशूल कोमिक्स'' शुरू कर दी !''गोवेर्संस कोमिक्स'' भी इन्ही प्रकाशकों ने बाद में शुरू की जिसने ''एस्टेरिक्स'' ,फेमस फाइव,लकी ल्युक  जैसे मशहूर विदेशी कोमिक पात्रों को हिंदी में पेश किया ! 

तेज़ी से बदल रहा वक्त ...
                                                            बहरहाल वक्त तेज़ी से बदल रहा था और नए जमाने के तेजी से विकसित होते सूचना तकनीक और मनोरंजन के नए नए उपकरणों के आगे कोमिक्स जैसे माध्यम मुकाबला नहीं कर पा रहे थे ! धीरे धीरे यह सभी प्रकाशन वित्तीय घाटों की वज़ह से बंद हो गए पर ये सारे हर दिल अज़ीज़   लोकप्रिय पात्रों ने हमारे दिलों में एक ऐसी जगह बना रखी है जो रहती दुनिया तक कायम रहेगी ! 

काश.. हम कभी बड़े ही न होते...
                                   काश... हम कभी बड़े ही न होते बच्चे ही बने रहते तो शायद कितना अच्छा होता .बस हम होते और हमारी प्यारी कोमिक्सें होतीं .क्या आप भी मुझसे इत्तफाक रखते हैं ..!  

***** PANKAJ K. SINGH  

आयोग का सनसनीखेज खुलासा


सिंह सदन ब्लॉग पर नैतिक एवं अनुशासनात्मक क्रिया कलापों को बल देने के लिए श्यामकांत नैतिक एवं अनुशासनात्मक आयोग का गठन दिनांक २८/१/१२ को सर्व सम्मति से किया गया था


ज्ञातव्य हो कि दिनांक २६/१/१२ को सिंह सदन डेस्क पर सचिन सिंह बनाम सिंह सदन परिवार प्रकरण

सामने आया था जिसके तहत सचिन सिंह ने ब्लॉग पर प्रस्तुत कि गयी अपनी पोस्ट पर बेनामी अशोभनीय टिप्पणियों वाबत खेद व्यक्त करते हुए न्याय कि गुहार की थी


आयोग ने इस मामले को केस संख्या १अ (२६/१/१२/) सचिन सिंह बनाम सिंह सदन परिवार प्रकरण के रूप में दर्ज किया था आयोग को इस की रिपोर्ट सिंह सदन हाई कमान को सात दिनों में प्रस्तुत करनी थी किन्तु प्रशासनिक कार्यों और केस की जटिलता के चलते आयोग ने अतिरिक्त समय की मांग की थी


आयोग ने उच्च स्तरीय प्रशासनिक एवं तकनीकी सहयोग के द्वारा केस को सफलता पूर्वक सुलझाया

आयोग ने सर्व प्रथम सचिन द्वारा प्रस्तुत किये गए साक्ष्यों का गंभीरता से अध्यन किया जिससे

निम्न निष्कर्ष सामने आये

(अ)टिपण्णी ब्लॉग पर तीन माध्यमों से प्राप्त हुई

(ब) प्रयुक्त कम्यूटरओं का आई पी पता ११५.६०.४८.१००/ १२२.७८.९०.३४

मिला जोकि लगातार अपना सर्विस एरिया बदलता रहा


(स) प्रयुक्त मोबाईल का आई ऍम ई आई न ३५७३२३०२०२५३९५६ संज्ञान में

आया और पुष्टि भी हो गई


( द)खास बात यह थी कि इन हेकर्स ने ब्लॉग के लेखकों कि भाषा शैली

का बारीकी से अध्यन किया था

तत्पशचात राज्य सर्वेलांस एरिया आई जी (नाम गुप्त ) एवं ब्लॉग प्रसारित प्रक्रिया क्षेत्र दिल्ली /बेंगलोर के सहयोग से वे २ एस ऍम एस ,रिमोट डेस्कटॉप ,टर्मिनल सर्विस ,टीम वीवर्स ,रेडियो डाटा फ्रेकेंसी आदि तकनीकियों द्वारा साइबर अपराधियों कि धरपकड की गई इस बाबत संजय पाल ,विक्की ,आशु चौबे और विवेक नामक तीन अपराधी सामने आये ये इस से पूर्व यह कई ब्लोगर्स के साथ ये हरकत कर चुके है

साइबर अपराध की धारा १९ (३) स में ये दोषी पाए गए है


कार्यवाही ---आयोग कि चपलता से अपराधियों कि धर पकड़ हुई और उन्हें दण्डित किया गया

आंशिक रूप से शुरुआत करने के लिए दिलीप और टिंकू पर दो पोस्ट का प्रतिबन्ध लगाया गया है और प्रति व्यक्ति ७२ रुपये का जुरमाना किया गया है


साथ ही सचिन द्वारा आयोग पर शंका प्रकट करने के लिए ३६ रुपये का जुरमाना लगा कर कड़ी चेतावनी दी जाती है कि वे कानून अपने हाथ में न ले

और आयोग ने श्री पुष्पेन्द्र सिंह के आमरण अनशन को जल्द तोड़ने कि अपील की है और उनके इस अनशन को ब्लॉग जगत में क्रांति की संज्ञा दी है इनके इस अनशन की आयोग में भूरि- भूरि तारीफ़ की है !
इस कार्य में ह्रदेश सिंह, डी ई जी साहब  सुचना तकनीकी के राहुल पाण्डेय
विशाल सिंह ,हिमांशु गौरव आदि का विशेष सहयोग रहा |

धन्यवाद

श्यामकांत