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Saturday, October 22, 2011

समस्या हल - 5




समस्या हल ४ के लिए पुनः सदस्यों ने मनोहारी रचनाएँ भेजीं ... सभी एक से बढ़कर एक .. सभी बधाई के पात्र हैं !..... परन्तु विजेता तो एक ही हो सकता है ... काफी मशक्कत के बाद ज्यूरी ने पुनः भैया पिंटू को विजेता चुना है ! बधाई हो ...!









बच के रहना रे बाबा ....



.... तो अब आते हैं समस्या हल ५ पर..... इस बेमिसाल चित्र को देखिये .... बाहुबली कौशल भैया न जाने किस बात पर इस कदर खफा हुए हैं कि सावन में भी आग उगल रहे हैं ... और इस आग में झुलस कर रह गए हैं सिंह सदन के नायब!

..... इस मोहंचाबर को ज़रा लिख तो भेजिए !

*****PANKAJ K. SINGH 

Thursday, October 20, 2011

समस्या हल





......तो बात बन जाए .....!


साथियों पिछली समस्या हल के बड़े ही रोचक और मजेदार ज़वाब आये .. आनंद ही आ गया और विजेता भये हैं ..हमाये पिंटू भैया .. इनकी खूब नाम्बड़ी होए ...!

.... तो अब काम में लग जाइए ... देखिये इस द्रश्य को और बताइए कि ये बांका शहजादा इस तस्वीर को देख कर क्या सोच रहा है ...या फिर इस गबरू  बांके शहजादे को देखकर खुद तस्वीर ही कुछ बोल उठी है .. गुसांई जो भी हो , जल्दी बताओ ... जय राम जी की !

***** PANKAJ K. SINGH

Wednesday, October 19, 2011

समस्या हल ....


साथियों ..... आज फिर से आपको  ''समस्या हल''  की रोचक दुनिया की सैर पर ले चलते हैं !  चित्र को देखिये और बताइए की ये दो परम मित्र आपस में क्या बतिया रहे हैं !

***** PANKAJ K. SINGH

Sunday, October 16, 2011

एक आला शायर का जन्म



...अभी हाल में मैनपुरी गया तो  देश के एक बेहतरीन उभरते हुए शायर से मुलाकात हो गयी ! वह युवा भी हैं ... और आदर्शवादी भी ! ..जोशीले भी हैं ...और जिज्ञाशु भी ! ...प्रतिभाशाली भी हैं ..और भावुक भी  ! 

.....फिलहाल उनके द्वारा पेश चंद लाइने हाज़िर कर रहा हूँ.... उनकी शख्शियत से आपका तार्रुफ़ अगली पोस्ट में कराऊंगा..

''.. यह हो ही नहीं सकता... कि मैं तुझे ना छेड़ूं, 
                               ऐ मौत ... तुझे भौजाई बना रखा है  !!


*****PANKAJ K. SINGH

आपका फेवरेट कौन है




.... जरा बताइए तो सही ....


.... इधर कई दिन हुए ब्लॉग पर कोई नई विचार श्रंखला नहीं आयी... अभी हम सब महान ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह की स्म्रतियों में सराबोर हैं... ऐसे मैं सभी सदस्यों से निवेदन करता हूँ .... कि वे एक एक लेख के माध्यम से हम सभी को यह जानने का अवसर दे कि वे किस एक सिंगर को सार्वाधिक पसंद करते हैं और क्यों  आप के लेख आज कल में ही आ जाए तो बहुत अच्छा रहेगा ... पूरे समाज में आपकी नाम्बड़ी होगी ..


***** PANKAJ K. SINGH.  

Monday, October 10, 2011

मेरी गुजारिश ......





काफी लम्बे समय बाद मै इस ब्लॉग पर अपनी पोस्ट डाल रहा हूँ ..........
इस बावत मुझे काफी ख़ुशी हो रही है, खास बात ये है की मै ये पोस्ट जम्मू यात्रा के बाद लिख रहा हूँ .......
लोगों को मैंने इस ब्लॉग पर सिर्फ अपना हित साधने के लिए दूसरों की तारीफ़ करते देखा है .............
लोगों को इस ब्लॉग पर बड़ी-बड़ी बातें करते देखा है जो अन्दर से खोखली हैं ................................
इसलिए मै लम्बे समय तक इस ब्लॉग से दूर रहा ............................
मैंने अपनी  साल की जिंदगी मै बहुत कुछ सीखा है ...................................
पर आज समय आगया है की मै कुछ अपने बारे मै भी लिखूं ....................................
मैंने इन 26 सालों में  जो जीवन जिया वो स्वाभिमान से भरा है जिसमे,
अपनी जबरदस्त मेहनत का सुहागा लगा हुआ है .................................
मैंने हमेशा घर में एकता को चाहा......................................
मैंने कभी अपने भाइयों से अपनी आवश्यकतायों   का जिक्र नहीं किया
पर उन्होंने जो दिया उसे लेने से कभी इनकार भी नहीं किया............
मैंने कभी ये आशाएं नहीं लगायीं की मुझे कुछ मिल जाय क्योंकि जब आशाएं टूटती हैं तो बड़ा दर्द होता है .......
मै बस इतना कहना चाहता हूँ की यदि सिंह सदन के किसी भी सदस्य को मुझसे दिक्कत है ,
तो इस बावत मुझसे जरूर संपर्क करे ............................
और एक बात और कहना चाहूंगा जिन लोगों को लगता है की मै नौकरी नहीं कर पाउँगा तो मै बता दूं
जहाँ मै अपनी पोस्टिंग लूं वहां आके एक बार देखना जरूर..............................
मैंने सदैव चुनौतियों से लड़ना सीखा है ................
और ये ज़ज्वा मै जीवन पर्यंत जारी रखूँगा .............................................
एक बार फिर विनम्र आवेदन है की मेरे पीछे किसी प्रकार की बातें न करें
और शादी को लेकर ख़ास तौर पर नहीं ....................................
और किसी का नाम मेरे साथ जोड़ कर किसी को बदनाम करने
की कृपा बिलकुल न करें जरा गंभीरता से सोचिये ये आपके साथ हो तो कैसा लगेगा

धन्यवाद........
श्यामकांत

Wednesday, August 31, 2011

नव पल्लव की तरह पवित्र हो आप


पूज्य चाचा- आपका दिव्य-दर्शन
मुझे फूलों की तरह
आत्म शांति देता है

आपके चरण
मेरी जिंदगी के सरोवर के कमल है
आप है मेरे जीवन का दिव्य-प्रकाश
जिसकी रोशनी में " मैं" चलता हूँ

आपकी बातें मेरे मानस- पटल पर
पीपल की पत्तियों की तरह हिलती है
साँस बन गए आप

जैसे उठाता है -आकाश
आकाश की तरह दोपहर की तेज धूप-तपिश
शाम का ठंडापन -सहा है आपने
मेरा साथ दिया है अटल विचार की तरह

नव पल्लव की तरह पवित्र हो आप
आपके स्पर्श से
जीवन भर के लिए-
पवित्र हो गया हूँ "मैं"



[मेरे मार्गदर्शक पूज्यनीय-
पवन चाचा जी के पावन चरणों में समर्पित.......]

-सचिन सिंह